एटा, दिसम्बर 29 -- कभी पिछड़े जिलों की श्रेणी में गिना जाने वाला एटा आज अपनी पहचान बदल रहा है। यह बदलाव खेत-खलिहानों से नहीं, बल्कि उन युवाओं की आंखों से झलक रहा है जो अब सिर्फ नौकरी नहीं, बल्कि करियरकी तलाश में हैं। प्रदेश सरकार की ओर से समय-समय पर आयोजित किए जा रहे रोजगार मेलों ने जिले के बेरोजगार युवाओं के लिए संभावनाओं के नए द्वार खोले हैं। 90 दशक में भी नौकरी को मारामारी थी। उससे कहीं अधिक लोग आज भी नौकरी के लिए लाइन है। रोजगार मेलाओं के आयोजनों के बाद भी बेराजगारी कम नहीं हो सकी। एटा के राजकीय आईटीआई, विकास भवन परिसर एवं ब्लॉक कार्यालयों में समय-समय पर आयोजित होने वाले रोजगार मेलों ने जिले के युवाओं में एक नया आत्मविश्वास भरा है। पिछले एक साल में आयोजित विभिन्न मेलों के माध्यम से हजारों युवाओं को निजी क्षेत्र की प्रतिष्ठित कंपनियों म...
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