एटा, जनवरी 12 -- खंदी से साल में कई-कई बार कई गांवों के किसान बर्बाद होते हैं। यह फिर नई उम्मीद के साथ अगली फसल की तैयारी शुरू कर देते हैं। हर कुछ समय बाद यह तबाही नौरंगाबाद, सकीट देहात और नगला मनीराम सहित कई गांवों के लोग झेलते हैं। ब्लॉक सकीट में संबलपुर-अंगदपुर बंबा की पटरी (खंदी) आए दिन कटती रहती है। इससे नौरंगाबाद, सकीट देहात और नगला मनीराम सहित कई गांव के खेतों में पानी भर जाता है। इससे सैकड़ों बीघा फसल नष्ट हो जाती है। ऐसा नहीं है कि ऐसा साल में केवल एक बार ही हो। यह पटरी कभी भी कट जाती है। इससे किसानों फसल डूबने से नष्ट हो जाती है। हर बार यहीं कहा जाता है कि इसे सही करा देते हैं। इसके बाद फिर से कटान जाता है। क्षेत्र के किसानों से वार्ता हुई तो उन्होंने खुलकर समस्या के बारे में आपके अपने अखबार हिन्दुस्तान के बोले एटा के संवाद में अ...
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