एटा, नवम्बर 28 -- बाल विवाह प्रथा को जड़ से उखाड़कर फेंकने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा 100 दिन की विशेष कार्ययोजना बनाई गई है। गैरसरकारी संगठन ऐक्सीलेंट सिविल एकेडमी ईकैट के लोग गांव-गांव पहुंचकर बेटियों और उनके अभिभावकों को जागरूक कर रहे हैं। इसके बाद भी चोरी छिपे लोग समय से पहले बेटियों के हाथ पीले करने से बाज नहीं आ रहे हैं। बेटियों के जीवन में खुशहाली नहीं आ पा रही है। वह ताउम्र शादी के बोझ में दबी रहती हैं। बोले एटा के तहत जागरूक करने के लिए बात हुई तो खुलकर इस अपराध पर रोकने की वकालत हुई। बाल विवाह सामाजिक बुराई है और इसे समाज में जागरूकता फैलाकर ही खत्म किया जा सकता है। इस तरह के कार्यक्रत होते रहने चाहिए। इससे बाल- विवाह रोके जा सके। हाल में हुए कार्यक्रम में बताया गया कि बाल विवाद करना अपराध की श्रेणी में भी आता है। इसे रोकने ...
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