उरई, फरवरी 18 -- उरई। मरीजों की देखभाल और उनकी सेवा करने में जुटीं नर्सों की जिंदगी कांटों से भरी हुई है। स्टाफ की कमी से काम का दबाव इस कदर बढ़ रहा है कि पूरा दिन तनाव में बीतता है। इसके अलावा रात में ड्यूटी पर सुरक्षा की भी चिंता सताती है। जिनकी देखभाल के लिए नर्स तैनात होती हैं उन्हीं के तीमारदार बात-बात पर अभद्रता करते हैं और कभी-कभी तो मामला मारपीट तक पहुंच जाता है। जिसकी सुनवाई कहीं नहीं होती। नर्सों के लिए काम के घंटे जरूर तय हैं पर उस पर अमल नहीं होता। जब भी जरूरत होती है इन्हें काम पर बुला लिया जाता है। अस्पतालों में नर्सों की भारी कमी है। इसके साथ ही रात में ड्यूटी करने पर सुरक्षा की चिंता सताती है। नर्स मिथिलेश ने कहा कि हमारे लिए जो क्वार्टर हैं वह जर्जर हालत में हैं। ऐसे में मजबूरी में किराए के मकान में रहना पड़ता हैं। रात में ...
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