उन्नाव, मार्च 26 -- इंसान और पशुओं का साथ काफी पुराना है। प्रकृति ने इंसान और पशुओं को बनाया भी एक ही साथ होगा, लेकिन आधुनिकता के दौर में इंसानों पर वहशियत हावी होता चला गया। कभी शिकार खेलने के नाम पर पशुओं को मारा गया तो कभी जायके के लिए हत्या कर दी गई। इसके बावजूद समाज में कुछ ऐसे लोग मौजूद हैं, जिन्होंने इंसानियत को जिंदा कर रखा है। इन पशु प्रेमियों को न सिर्फ पशुओं के दर्द का अहसास है, बल्कि उन्हें अपनों सा प्यार भी करते हैं। इन्हें जहां पर भी किसी पशु के घायल होने की सूचना मिलती है, वह दवाओं और खाने-पीने के सामान के साथ खड़े नजर आते हैं। इसके बावजूद इन्हें सरकार से कोई मदद नहीं मिलती है। आपके अपने अखबार 'हिन्दुस्तान से पशु प्रेमियों ने अपनी पीड़ा साझा की। सभी ने एकसुर में कहा कि बेजुबानों को भी जीने का हक है। इसलिए शासन की ओर से हम लोग...
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