उन्नाव, अप्रैल 1 -- खइके पान बनारस वाला... यह गाना आप लोगों ने जरूर सुना होगा। लोग इसके स्वाद के कायल भी हैं, लेकिन शायद ही कुछ लोगों को मालूम होगा कि यह पान उन्नाव की धरती से बनारस तक पहुंचता है। इतना ही नहीं लखनऊ, कानपुर, मऊ समेत दूसरे कई बड़े शहरों में उन्नाव का पान शौकीनों के मुंह की महक बनता है। इसके बाद भी जिले में पान की खेती को बढ़ावा देने पर विभाग का सहयोग बिल्कुल नहीं है। सरकारी योजनाओं में इसके लिए कुछ खास नहीं है। जो रुपया आते भी हैं, वह किसानों के हाथ लग नहीं पाते हैं। आपके अपने अखबार 'हिन्दुस्तान से पान के किसानों ने अपनी पीड़ा साझा की। सभी ने एकसुर में कहा कि प्रशिक्षण और विशेषज्ञों का सहयोग न मिलने के कारण पान की खेती कुछ ही दायरे में सिमट कर रह गई है। धीरे-धीरे पान की शान खत्म होती जा रही है। उन्नाव में करीब 100 हेक्टेयर में...
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