उन्नाव, फरवरी 18 -- उन्नाव की पहचान और समृद्धि का प्रतीक रहा कपड़ा बाजार आज संकट के दौर से गुजर रहा है। आठ करोड़ से अधिक का कारोबार होने के बावजूद सहालग और पर्वों पर भी व्यापारियों को वित्तीय समस्याओं से जूझना पड़ता है। टैक्स कलेक्शन एट सोर्स (टीसीएस) के कारण बढ़ती आर्थिक चुनौतियां, पार्किंग की अव्यवस्था और मालभाड़े में वृद्धि ने व्यापारियों को कठिनाइयों के समंदर में धकेल दिया है। कपड़ा व्यापारियों ने आपके अपने अखबार 'हिन्दुस्तान से अपनी पीड़ा साझा की। सभी ने एक सुर में कहा कि टीसीएस से राहत मिले तो इस पारंपरिक व्यवसाय को एक नई उड़ान मिल सके। शहर में हर चौराहे पर दो-चार रेडीमेड कपड़ों की दुकानें आपको सजी मिल जाएंगी। हर दुकान में ब्रांडेड से लेकर सस्ते और किफायती कपड़े मिल जाएंगे। स्टेशन रोड और बड़े चौराहे का इलाका भी कुछ ऐसा ही है। यहां लाइन से करीब...
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