इटावा औरैया, फरवरी 17 -- इटावा की सबसे बड़ी सब्जी मंडी अब सिर्फ नाम की बड़ी रह गई है। सब्जी व्यापारी विनोद कहते हैं कि मंडी शुल्क चुकाने के बाद भी व्यापारियों को होने वाली परेशानियों और दुकानदारों की समस्याओं से किसी को कोई लेना देना नहीं है। व्यापारी, दुकानदार और ग्राहक मंडी में फैली गंदगी, पेयजल सकंट, जाम, अन्ना मवेशी और दुर्गंध से परेशान हैं। व्यापारी इमरान कहते हैं कि तहबाजारी और टैक्स देने के बाद भी यहां सुविधाओं के नाम पर कुछ भी नहीं मिल रहा। पेयजल किल्लत और जाम से सब्जी मंडी के व्यापारी हलकान हैं। सब्जी मंडी में सब्जबाग देखते हुए सब्जियां सूख गईं और मंडी नर्क बन गई। व्यापारी प्रिंस कुशवाहा ने बताया कि बिचौलियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से मंडी के व्यापारियों को तगड़ा नुकसान हो रहा है। इसके बाद भी मंडी सचिव समेत अन्य अधिकारी कोई कार्र...
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