आजमगढ़, मार्च 9 -- सारे जहां का बोझ उठाने वाले कुलियों के लिए रेलवे स्टेशन पर चंद घंटे आराम करने के लिए कोई स्थान नहीं है। जीआरपी यात्री प्रतीक्षालयों में जाने से रोकती है। प्लेटफार्म पर बंदरों का आतंक मुसीबत बना है। कुलियों का कहना है कि आजमगढ़ रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों की संख्या काफी कम है। इसके चलते उन्हें खाली बैठना पड़ता है। पर्याप्त कमाई भी नहीं होती है। खाली समय व्यतीत करने के लिए उनके लिए स्थान आरक्षित होना चाहिए। आजमगढ़ रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर 'हिन्दुस्तान के साथ बातचीत में कुली अनिल कुमार यादव ने बताया कि उनका गांव तमौली में है। वह घर से सुबह नौ बजे तक स्टेशन आ जाते हैं। रोजी-रोटी के लिए पूरे दिन स्टेशन पर रहना पड़ता है। यहां ट्रेनों की संख्या कम है। उनके पास काफी वक्त होता है। बीच में वे आराम करना चाहते हैं, लेकिन स...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.