आजमगढ़, फरवरी 18 -- उनकी आंखों में बेहतरीन जिंदगी के सपने हैं। कंधों पर जिम्मेदारियों का बोझ और मन में बेहतर कल की उम्मीद लिये राजकीय आंबेडकर छात्रावास में रहने वाले छात्र हर दिन संघर्ष कर रहे हैं लेकिन मुसीबतें उनका पीछा नहीं छोड़ रहीं। यह हॉस्टल जर्जर होने के कारण कंडम घोषित हो चुका है। उन्हें बाहर निकलने के लिए कह दिया गया है। आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के पास कोई विकल्प नहीं है। इसलिए तमाम दिक्कतें झेलते हुए भी वे फिलहाल वहीं बने हुए हैं। ये छात्र प्रशासन से ठौर चाहते हैं। शहर के जजी मैदान के पास स्थित राजकीय आंबेडकर छात्रावास के छात्रों ने 'हिन्दुस्तान के साथ चर्चा में अपनी पीड़ा व्यक्त की। शिब्ली कॉलेज से एलएलबी कर रहे रामकुमार ने बताया कि आर्थिक तंगी के बीच छात्रावास में मूलभूत सुविधाओं का अभाव झेल रहे हैं। मां-बाप ने उम्मीद के सा...
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