आगरा, फरवरी 18 -- खंदौली (आगरा)। कुश्ती-दंगल पारंपारिक भारतीय खेल है। हर मेलों व त्योहारों पर दंगल का आयोजहोता है। लेकिन कुश्ती के शौकीन सरकारी उपेक्षा से मायूस हैं। पहलवानी में करियर बनाने की तैयारी कर रहे युवा चाहते हैं कि क्षेत्र में कुश्ती को बढ़ावा देने के लिए कोच है। अन्य सरकारी सुविधाएं भी मिलें। विकास खंड खंदौली के गांव सैमरा में बाबा गुलाब सिंह चौहान कुश्ती स्टेडियम तो है लेकिन यहां सुविधाएं शून्य हैं। इससे यहां कुश्ती के दाव-पेंच सीखने के लिए आने वाले युवा निराश हैं। सरकारी उपेक्षा के कारण स्टेडियम का हाल-बेहाल हैÜÜÜ। अनदेखी के चलते कुश्ती स्टेडियम के मैदान की मिट्टी भी ठोस हो गई है। इस कारण युवा कुश्ती का अभ्यास नहीं कर पा रहे हैं। यहां सरकारी कोच की तैनाती नहीं है। युवाओं को अपनी प्रतिभा निखारने के लिए उचित प्रशिक्षण नहीं मिल ...
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