आगरा, जून 25 -- हर कैंपस में हॉस्टल बन जाए तो फीस से ज्यादा रहने पर होने वाला खर्च कम हो जाएगा। कैंपस में पढ़ाई करने के साथ ही नौकरी मिल जाए, तो भविष्य की राह सुरक्षित हो जाएगी। कैंपस में अच्छी कैंटीन की सुविधा मिले। खेल की सुविधाएं मिले। जन सुविधाओं की स्थिति सुधर जाए। गर्ल्स कॉमन रूम के साथ छात्राओं के लिए बेहतर माहौल बने। आवासीय संस्थानों में पढ़ाई को लेकर माहौल बेहतर बन जाए और परिणाम की गलतियों से मुक्ति मिल जाए। मार्क्सशीट और डिग्री भी समय से मिल जाए तो बात बन जाए। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के छात्र कुछ ऐसे ही अपने लिए बेहतर विश्वविद्यालय की उम्मीद करते हैं। छात्रों की उम्मीदों को पंख लग जाएं, तो ए ग्रेड विश्वविद्यालय वाले समय में और अच्छा हो जाएगा। चार कैंपस में फैले डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में हजारों छात्र पढ़ाई करत...