आगरा, जून 23 -- ताज के संरक्षण की खातिर आगरा के अनेकों उद्योगों की बलि चढ़ गई। इस कड़ी में ढलाई उद्योग अहम है। दो सौ इकाइयां जो अपनी कारीगरी से देश दुनिया की कंपनियों को उनकी जरूरत के सामान मुहैया कराने के प्रयास में जब आगे बढ़ रही थीं, हजारों की तादाद में श्रमिकों को नियमित रोजगार दे रही थीं, वेंडरों के परिवारों को पोषण दे रही थीं। एक याचिका भर से अस्थिर हो गईं। दो दशक की कड़ी मशक्कत के बाद इन इकाइयों ने अपने आप को फिर खड़ा किया। बाजारों में अपनी उपस्थिति दर्ज करानी शुरू की। इस बार नियमों की मार बीआईएस से मिल गई। श्रेणी विशेष की कास्टिंग (ग्रे आयरन कास्टिंग) को भारतीय मानक ब्यूरो के दायरे में लाए जाने की अनिवार्यता ने नन्हे से उद्योग की जान एक बार फिर मुश्किल में डाल दी है। नेशनल चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज एंड कॉमर्स में उक्त विषय पर परिचर्चा ह...
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