अयोध्या, अक्टूबर 8 -- जनपद अयोध्या में कुम्हारी कला से जुड़े एक लाख से अधिक परिवार मिट्टी की 52 प्रकार की कलाओं के कारोबार से जुड़े हैं। मिट्टी के दिये, कुल्हड़, कलश, बर्तन और अन्य प्रकार के उत्पाद बनाना इस समाज की पीढ़ियों से चला आ रहा है। शहर में करीब 500 परिवार इस कला के माध्यम से अपनी रोजी रोटी चला रहे हैं। लेकिन इनके सामने सबसे बड़ी समस्या मिट्टी की उपलब्धता और काम करने के लिए पर्याप्त स्थान न होना है। कुछ कुम्हार परिवार ऐसे भी है जिनके पास रहने के लिए घर नहीं है। वह किसी तरह झोपड़ी में रहकर अपनी पारंपरिक कला को जीवित रखकर अपने परिवार का भरण पोषण कर रहे हैं। बरसात के चार महीने छोड़कर साल के आठ महीने यह मिट्टी के बने बर्तन आदि की मांग रहती है। लेकिन कुम्हारों के सामने सबसे बड़ी चुनौती मिट्टी मिलने की है। इन्हें तीन से चार हजार रुपए ट्...
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