अयोध्या, दिसम्बर 8 -- केन्द्र सरकार द्वारा स्वास्थ्य सुविधा में नगरीय लोगों की अपेक्षा पिछड़े ग्रामीण क्षेत्र के लोगों की सेहत का ख्याल रखने के लिए राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन 'एनआरएचएम' के तहत आशा कार्यकत्रियों की भर्ती लगभग दो दशक पहले की गई थी। इनका मुख्य उद्देश्य हाशिए पर खड़े ग्रामीण समुदाय के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा प्रणाली से जोड़ना था। आज आशा अपने इस कार्य को बखूबी अंजाम भी दे रही हैं। गर्भवती महिलाओं के लिए आशाकर्मी किसी देवदूत से कम भी नहीं हैं। दिन हो या रात गर्भवती महिला की तरफ से एक आवाज आने मात्र से ही आशा कर्मी दिन या रात,बारिश या सर्दी की परवाह किए बिना दौड़ पड़ती हैं लेकिन इनका असली दर्द सम्मानजनक मानदेय का न मिल पाना है। आशाओं का कहना है कि काम के बोझ को देखते हुए मिलने वाला मानदेय ऊंट के मुंह मे जीरे के समान ...