अयोध्या, अक्टूबर 3 -- राम नगरी मे दशहरा के दिन रावण,मेधनाद,कुम्भकरण का पुतला जलाकर लोग दशहरा मनाते हैं। लेकिन पुतला बनाने वाले कारीगरों की स्थिति पर कोई ध्यान नहीं देता। पुतला कारीगर आज भी मौसमी बेरोजगारी से जूझ रहे हैं। इसके साथ ही पुतलों की ज्यादा मांग न होने से पुतला कारीगर आर्थिक रूप से आज भी मजबूत नहीं बन सके हैं। दशहरा के त्योहार मे कुछ दिनों को छोड़कर साल के बाकी महीनों मे छोटे मोटे व्यवसाय व मजदूरी करके अपना व अपने परिवार का पेट पालने को मजबूर होते हैं। पेश है बोले टीम की पुतला कारीगरों की दशा व दिशा पर एक रिपोर्ट... अयोध्या। केन्द्र व राज्य सरकार के सहयोग से भगवान राम की जन्मभूमि के रूप मे अयोध्या अपने पुराने वैभव की तरफ काफी तेजी से बढ़ रही है। आज अयोध्या विश्व के मानचित्र पर अध्यात्मिक,सांस्कृतिक व खूबसूरती की वजह से अपनी एक अल...