झांसी, नवम्बर 10 -- किसान यदि अपनी बैंगन की फसल बचाना चाहते है तो इसके लिए वह सावधान हो जाएं। फल छेदक रोग यदि लग जाएगा तो किसानों को इससे उतपादन कम मिलेगा। दस फीसदी प्रकोप दिखे तो दवाओं का प्रयोग करके किसान बचाव करें। रानी लक्ष्मी बाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, झाँसी के कीट वैज्ञानिकों ने बैगन के तना एवं फल छेदक से बचाव की सलाह दी है। वैज्ञानिक डॉ. प्रियंका कौंडल और डॉ. योगेंद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि बैगन की फसल में तना एवं फल छेदक विनाशकारी कीटों में से एक है। इसकी मादा पत्तियों और कोमल फलों की सतह पर छोटे-छोटे अंडे देती हैं जिनसे कुछ दिनों बाद गुलाबी रंग की सुंडियाँ निकलती हैं। ये सुंडियाँ तनों, कलियों, फूलों और फलों में छेद करके अंदर सुरंग बनाकर खाती है, जिससे पौधे की शाखाएँ मुरझा जाती हैं, फूल झड़ जाते हैं और फल अंदर से खोखले हो ज...
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