देहरादून, नवम्बर 13 -- नेहरू कालोनी के सनातन धर्म मन्दिर की संकीर्तन मण्डल द्वारा आयोजित शिवपुराण कथा में गुरुवार को बैन्ड बाजों के साथ शिव बारात निकाली गई। दुल्हन के रूप में पार्वती, दूल्हे के रूप में शिव को विदाई दी गई। कथावाचक आचार्य शिवप्रसाद ममगांई ने विवाह प्रसंग पर कहा कि भगवान शिव ने पार्वती के साथ विवाह करने के लिए एक अनोखी बारात निकाली थी। जिसमें कई अजीब और विचित्र प्राणी शामिल हुए। उन्होंने कहा कि शिव बारात भगवान शिव की महिमा और शक्ति को दर्शाती है। शिव बारात भक्तों की भावना को दर्शाती है, जो भगवान शिव की महिमा को गाते हैं और उनकी पूजा करते हैं। बैल धर्म का प्रतीक है यानी धर्म को साथ रखोगे तो धर्म पत्नी प्राप्त होगी। गले में नाग का मतलव जिसका दामाद गले मे काल यानी नाग को डाले आ रहा है उसकी बेटी की मांग की सिन्दूर अमिट रहेगी। शि...