कानपुर, नवम्बर 8 -- कानपुर, प्रमुख संवाददाता। बैंक अधिकारी आपकी संपत्ति (वाहन, जमीन और भवन) की कम कीमत आंके तो ग्राहक संपत्ति की दर के आंकलन को चुनौती दे सकता है। क्योंकि संपत्ति ग्राहक की होती है। ग्राहक अपनी संपत्ति खुद बेचकर ऋण चुकता कर सकता है। बैंक को बकाया ऋण के भुगतान से मतलब होता है संपत्ति से नहीं। यह बातें ऑल इंडिया वैलुअर्स एसोसिएशन (आईआईवीए) के प्रेसिडेंट श्याम सुंदर दास ने कही। शनिवार को सेमिनार को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम राजकीय पॉलीटेक्निक रावतपुर में आयोजित किया गया था। सेमिनार में संपत्ति की लागत के आंकलन की बारीकियों से राजकीय पॉलीटेक्निक में सिविल डिप्लोमा के छात्र-छात्राओं ने सीखा। श्याम सुंदर दास ने बताया कि बैंक शाखा पर तैनात अधिकारी संपत्ति की लागत के आंकलन में कई बार मनमानी करते हैं। तो ग्राहक बैंक के क्षेत्रीय...
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