लखनऊ, जनवरी 28 -- लखनऊ। हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने सड़कों पर बेसहारा घूम रहे व निराश्रित लोगों की पहचान और पुनर्वास को लेकर दाखिल एक जनहित याचिका पर सुनवायी करते हुए हेल्पलाइन की बात कही है। कोर्ट ने कहा है कि निराश्रितों की पहचान व मदद के लिए राज्य स्तर पर एक समर्पित हेल्पलाइन शुरू की जानी चाहिए। न्यायालय ने राज्य सरकार से अपेक्षा जताई है कि वह अगली सुनवाई तक इस संबंध में ठोस कार्य योजना प्रस्तुत करेगी। मामले की अगली सुनवाई 23 फरवरी को होगी। यह आदेश न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति एके चौधरी की खंडपीठ ने ज्योति राजपूत की याचिका पर दिया। कोर्ट ने कहा कि कम से कम चार हेल्पलाइन नंबर सार्वजनिक किए जाएं और उनका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। ताकि आम नागरिक जहां कहीं भी निराश्रित व्यक्ति को देखें, उसकी सूचना तत्काल संबंधित हेल्पलाइन पर दे सके...