लखनऊ, नवम्बर 10 -- केंद्र सरकार ने जिन छह राज्यों को निजीकरण की शर्त पर बेलआउट पैकेज के लिए चिह्नित किया है, उनमें उत्तर प्रदेश की स्थिति औरों से बेहतर है। राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने आंकड़े जारी करते हुए दावा किया है कि यूपी कर्ज का केवल 11 प्रतिशत हिस्सा ही अपने राजस्व से चुकता नहीं कर सकता है। वहीं, अन्य राज्यों की स्थिति यूपी से खराब है। उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार ने आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश को निजीकरण की शर्त पर बेलआउट पैकेज के लिए चुना है। इनमें राजस्व से न चुकाए जा सकने वाले कर्ज की स्थिति देखी जाए तो यूपी केवल 11 प्रतिशत कर्ज नहीं चुका पाएगा। वहीं, राजस्थान के पास ऐसा ऋण 51 प्रतिशत है, तमिलनाडु का 76 प्रतिशत, आंध्र प्रदेश का 49 प्रतिशत और ...
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