लखनऊ, फरवरी 19 -- लखनऊ, प्रमुख संवाददाता विभागीय लापरवाही के चलते संस्था का नवीनीकरण नहीं होने से बिजली सखी के रूप में काम करने वाली महिलाएं बड़ी संख्या में बेरोजगार हो गई हैं। नियम-110 के तहत इस मामले को भाजपा सदस्य विजय बहादुर पाठक एवं दिनेश कुमार गोयल ने विधान परिषद में उठाया और सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। कहा कि मई, 2020 में शुरू हुई ''बिजली सखी योजना महिलाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से प्रारम्भ की गई थी। इससे जुड़ी महिलाएं दूर-दराज गांवों में घर-घर जाकर बिजली बिल जमा कराने का काम करती थी। जिस संस्था के माध्यम से महिलाओं को रोजगार की प्राप्ति हुई थी उस संस्था का नवीनीकरण विभागीय लापरवाही के चलते न होने के कारण आज बिजली सखी से जुड़ी बड़ी संख्या में महिलाएं बेरोजगार हो गई हैं, उनकी आय का माध्यम बन्द हो जाने के...
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