रुडकी, अक्टूबर 8 -- क्षेत्र में दो दिन पहले हुई बेमौसम बारिश और तेज हवाओं ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। पहले से ही मुश्किल हालात में फंसे किसानों को अब और बड़ा झटका लगा है। बारिश और हवाओं के कारण पककर तैयार खड़ी धान की फसल जमीन पर गिर गई है, जिससे बालियां पानी में भीगकर सड़ने लगी हैं। वहीं, कई खेतों में चूहे भी फसल को नुकसान पहुंचा रहे हैं। क्षेत्र में बड़े पैमाने पर धान की खेती होती है, लेकिन इस बार गंगा और सोलानी नदी के जलभराव ने किसानों को पहले ही संकट में डाल दिया था। महीनों तक खेतों में पानी भरा रहने से धान की फसल को भारी क्षति हुई। अब जब कुछ बची-खुची फसल तैयार थी और कटाई का समय आ गया था, तभी मौसम की मार ने स्थिति और खराब कर दी। किसान हरपाल सिंह, अंकित कुमार और जय सिंह ने बताया कि लगभग 60 प्रतिशत फसल पहले ही खराब हो चुक...
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