मुजफ्फरपुर, दिसम्बर 3 -- मुजफ्फरपुर। अनामिका मित्रता राजनीतिक विरोध नहीं देखती। आज के समय में भले ही यह बात यथार्थवादी नहीं हो, मगर इस मित्रता को राजेन्द्र बाबू ने जीया था। साल था 1959 जब रामवृक्ष बेनीपुरी को अपने इलाके में कॉलेज खोलने का मन था। इसके लिए उन्होंने जमीन भी ले ली थी। वे चाहते थे कि उनके मित्र और भारत के राष्ट्रपति राजेन्द्र बाबू इसका शिलान्यास करें। राजेन्द्र बाबू ने तुरंत हामी भर दी। मगर दोनों विरोधी दलों के थे। ऐसे में राजनीतिक अड़ंगा भी लगाया गया कि वे नहीं आ पाएं। इसके बाद भी राजेन्द्र बाबू ने सभी व्यवधान को काटा और कहा कि बेनीपुरी ने बुलाया है तो जरूर जाऊंगा। बेनीपुरी जी के नाती महंथ राजीव बताते हैं कि तीन दिसम्बर ही शिलान्यास की तिथि निर्धारित थी। उसी समय बेनीपुरी जी को लकवा का आघात लगा। तबियत खराब है, यह सूचना राष्ट्र...
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