नई दिल्ली, दिसम्बर 8 -- बांग्लादेश के उत्तरी रंगपुर जिले में 1971 के मुक्ति संग्राम के योद्धा 75 वर्षीय जोगेश चंद्र रॉय और उनकी 60 वर्षीय पत्नी सुवर्णा रॉय की रविवार तड़के उनके घर में गला रेतकर हत्या कर दी गई। दोनों का शव रविवार सुबह साढ़े सात बजे पड़ोसियों और घरेलू नौकरों ने देखा, जब बार-बार दरवाजा खटखटाने के बाद भी कोई जवाब नहीं मिला। पड़ोसियों ने सीढ़ी लगाकर मुख्य द्वार से घर के अंदर प्रवेश किया तो रसोई में सुवर्णा रॉय और डाइनिंग रूम में जोगेश चंद्र रॉय का शव पड़ा मिला। बता दें कि जोगेश चंद्र रॉय 1971 के बांग्लादेश मुक्ति संग्राम में सक्रिय रूप से लड़े थे और बाद में सरकारी प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापक रहे। वे 2017 में रिटायर हुए थे। दंपति अपने गांव के घर में अकेले रहते थे। उनके दोनों बेटे ( शोवेन चंद्र रॉय और राजेश खन्ना चंद्र र...