बांदा, जनवरी 8 -- बांदा। दरिंदे ने दुष्कर्म के साथ बर्बरता पूर्वक जीभ काट ली थी। छह माह बाद भी बेटी सही से बोल नहीं पा रही है। उसकी जुबां लड़खड़ाती है। हंस भी नहीं पा रही है। मां के जेवर रिश्तेदारों के यहां गिरवी हैं। उन्ही रुपयों और कुछ उधार लेकर उसकी इलाज करा रहे हैं। यह दर्द भरी दांस्ता बताते हुए एक पिता का गला रुंध जाता है। बेबस पिता का कहना है कि अभी तक हिम्मत नहीं हारी है कि उसका इलाज नहीं करवा पाऊंगा। मजदूर हूं , खेती भी नहीं है लेकिन सोचता हूं बिटिया जब बड़ी हो जाएगी तो उसका घर कैसे बसेगा। क्योकिं डाक्टर ने कह दिया है कि पता नहीं वह कभी मां बन पाएगी या नहीं? जवान होने पर आपरेशन की बात कही है। पांच माह से बांदा में रह रहा पिता : पिता का कहना है कि नाजुक अंगों के आपरेशन होने के बाद डाक्टर ने उसे सफाई में रखने की सलाह दी थी। तब से वह...