नई दिल्ली, फरवरी 8 -- कर्नाटक हाईकोर्ट ने एक 84 साल के बुजुर्ग पिता के पक्ष में बड़ा फैसला सुनाते हुए उस 'गिफ्ट डीड' को रद्द कर दिया है, जिसके जरिए उन्होंने अपनी दो बेटियों को 2 एकड़ जमीन दान की थी। अदालत ने माना कि संपत्ति मिलने के बाद बेटियों ने अपने पिता को भोजन, आश्रय और बुनियादी जरूरतों के लिए बेसहारा छोड़ दिया। यह कानूनन 'कंस्ट्रक्टिव फ्रॉड' के दायरे में आता है। न्यायमूर्ति सूरज गोविंदराज की पीठ ने 2 फरवरी को दिए अपने आदेश में स्पष्ट किया कि बुजुर्गों द्वारा बच्चों को दी गई संपत्ति केवल कानूनी दस्तावेज नहीं, बल्कि एक 'भरोसा' है। इसका उल्लंघन होने पर कानून मूकदर्शक नहीं रह सकता। तुमकुरु तालुक के निवासी वेंकटैया ने 2023 में अपनी 2 एकड़ से अधिक जमीन अपनी दो बेटियों शिवम्मा (अब मृत) और पुट्टम्मा को इस उम्मीद और आश्वासन पर उपहार में दी थ...