मुजफ्फरपुर, दिसम्बर 8 -- मुजफ्फरपुर। लीची की पहचान वाले शहर मुजफ्फरपुर में 80 प्रतिशत लीची के पेड़ कट गए। इससे पहचान खतरे में पड़ने के साथ पर्यावरण असंतुलित हो रहा है। लीचीपुरम सांस्कृतिक पुनर्जागरण अभियान चलाने वाले पर्यावरणविद् सुरेश गुप्ता ने ये बातें कहीं। उन्होंने बताया कि लीची को बचाने का प्रयास जरूरी है। बेंगलुरु में इंटरप्रेनारी मेले में लीची आधारित हस्तकला और चित्रकला की प्रदर्शनी आकर्षण का केंद्र रही। प्रदर्शनी में लीचीपुरम आर्ट से सजे हैंडबैग, साड़ियां, बेडशीट, होम डेकोर और कई हस्तनिर्मित वस्तुएं दिखाई गईं।
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