भागलपुर, जून 3 -- भागलपुर, वरीय संवाददाता। करोड़ों रुपये खर्च कर 'स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत भागलपुर में बूढ़ानाथ घाट पर बनाया गया रिवर फ्रंट की स्थिति यह है कि यहां खड़े हो जाएं तो बगल से बह रही जमुनिया धार से नाले के पानी जैसी दुर्गंध आती है। स्थानीय लोग कहते हैं कि यह ऐसा रिवर फ्रंट है कि बाढ़ में डूब जाता है। इसके बाद कुछ ही दिनों में जमुनिया धार नाले का रूप ले लेती है। रिवर फ्रंट की सीढ़ियों पर पानी ही नहीं रहता। इस परियोजना से शहर की खूबसूरती बढ़ने और लोगों को मनोरंजन के लिए नई जगह मिलने की उम्मीद थी, लेकिन यहां गंदगी की ढेर और भैंसों का आशियाना दिखता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रिवर फ्रंट बनाया जाना गलत नहीं है लेकिन इसके साथ-साथ एक पहल यह होनी चाहिए कि इस धार में गंगा की मुख्यधारा का पानी आए। ताकि यहां बैठना, घूमना, टहलना लो...