हाजीपुर, सितम्बर 4 -- शक्तिपीठ के रूप में चर्चित बुढ़िया मैया का यह देवी स्थल 200 वर्ष पुराना है ऐसी आस्था है कि मईया को जो दिल से याद करता है, उसकी मुराद अवश्य पूरी होती है माता की पिंडी कपड़े से नहीं, बल्कि सिंदूर से ढंकी होती है जब कभी यह सिंदूर खत्म हो जाता है, तो माता पुजारी या किसी को भी स्वप्न देकर आदेश देती हैं हाजीपुर। संवाद सूत्र शक्तिपीठ के रूप में चर्चित हरौली-हाजीपुर स्थित बुढ़िया माई का दरबार सजाने और नवरात्र अनुष्ठान के अर्चना की भव्य तैयारी की जा रही है। यहां मां पिंडी के रूप में सत्यजीत हैं। परिसर में ही माता की प्रतिमा भी बैठाई जाएगी। दुर्गापूजा को लेकर श्रद्धालुओं और ग्रामीणों में विशेष उत्साह और उमंग है। वैसे तो सालों भर श्रद्धालुओं का आना जारी रहता है, लेकिन नवरात्र के समय यहां श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है। आसपास के गा...
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