हापुड़, नवम्बर 23 -- नगर के रामलीला मैदान में रविवार को अपने-अपने राम कथा के तीसरे और अंतिम दिन का समापन भावपूर्ण और भक्ति से सराबोर वातावरण में हुआ। अंतिम दिन सुबह से ही श्रोता कथास्थल पर पहुंचने लगे और पंडाल भक्तिभाव से भरा नजर आया। इस दौरान ओजस्वी कवि और प्रख्यात वक्ता डॉक्टर कुमार विश्वास ने प्रभु श्रीराम के जीवन आदर्शों, मर्यादा, त्याग, करुणा और धर्म पालन पर विशेष प्रकाश डालते हुए कथा के अंतिम प्रसंगों का वर्णन किया। अंतिम दिन की कथा में प्रभु राम का सबरी से मिलन, रावण और जटायु का युद्ध और राम-रावण युद्ध का उल्लेख करते हुए कहा कि बुराई पर अच्छाई की विजय केवल एक पौराणिक घटना नहीं, बल्कि जीवन में सत्य और कर्तव्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा है। प्रभु श्रीराम का जीवन हमें संयम, शांति और निष्कपट व्यवहार अपनाने का संदेश देता है। कथा के दौर...