नई दिल्ली, जनवरी 26 -- Budh Vakri Mercury Retrograde : वैदिक ज्योतिष में बुध ग्रह को विशेष स्थान प्राप्त है। बुध देव को राजकुमार कहा जाता है। बुध देव को बुद्धि, तर्क, संवाद, गणित, चतुरता और मित्रता का कारक ग्रह कहा जाता है। ज्योतिषशास्त्र में ग्रहों की चाल बदलने को बेहद ही महत्वपूर्ण माना जाता है। ग्रहों की चाल बदलने से सभी 12 राशियां प्रभावित होती हैं। बुध ग्रह 26 फरवरी 2026 से वक्री होंगे और करीब 23 दिनों तक इसी स्थिति में रहेंगे। इसके बाद 21 मार्च 2026 को बुध फिर से सीधी चाल में लौट आएंगे। इस दौरान करियर, व्यापार, निवेश, पढ़ाई और साझेदारी से जुड़े मामलों में कई राशियों को अच्छे संकेत मिल सकते हैं। आइए जानते हैं कि बुध के इस वक्री दौर में किन राशियों को सबसे ज्यादा लाभ मिलने की संभावना है-वृष राशि वृष राशि वालों के लिए वक्री बुध का समय ...