गया, दिसम्बर 12 -- भगवान बुद्ध का जीवन निडरता, प्रज्ञा और करुणा का अद्भुत प्रतीक है। बुद्ध ने सत्य की खोज स्वयं के लिए नहीं, बल्कि मानवता के दुखों को दूर करने के लिए की। उनका संदेश 'आत्मदीपो भव' हमें सिखाता है कि मनुष्य को बाहरी आश्रय के बजाय अपने अनुभव, अपने सत्य और अपने आचरण को ही आधार बनाना चाहिए। उक्त बातें बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खां ने शुक्रवार को महाबोधि मंदिर में कहीं। राज्यपाल ने 20वां इंटरनेशनल त्रिपिटक चैटिंग समारोह के समापन सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि बोधगया की यह पवित्र भूमि सदियों से करुणा, शांति और मानवता का संदेश देती आयी है। उन्होंने कहा कि यहां 22 बौद्ध देशों से आए भिक्षुओं और श्रद्धालुओं की उपस्थिति वैश्विक बौद्ध संस्कृति की अद्भुत एकता का प्रतीक है। यह अंतरराष्ट्रीय त्रिपिटक चैंटिंग समारोह वर्ष 2006 में मात्...