देवघर, नवम्बर 25 -- मधुपुर। बुढ़ई पहाड़ का इतिहास सदियों पुराना है, जो ज्वालामुखी के लावा से लाखों साल पहले बना है। इस पहाड़ पर मां बूढ़ेश्वरी और मां तिलेश्वरी का एक ऐतिहासिक मंदिर स्थित है। जिसके कारण इस स्थान का नामकरण हुआ है। तीन दिवसीय नवान्न मेला बुधवार से शुरू हो रहा है। यह पहाड़ अपने कोख में कई प्राकृतिक रहस्यों को छिपाए हुए है। यहां हर साल 'नवान्न मेला' लगता है, जो अगहन महीने के पंचमी तिथि को आयोजित होती है, मेला में लाखों भक्त नए फसल को मां के चरणों में चढ़ाते हैं। इस ऐतिहासिक स्थल की एक और विशेषता यह है कि यहां आज भी हाथियों और घोड़ों के पैरों के निशान मौजूद हैं। इसका ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व है। घटवाल परंपरा :- सैकड़ों साल पहले यहां घटवाल समुदाय के लोगों द्वारा मंदिर की स्थापना की गई थी, और आज भी उनके वंशज प्रथम पूजा करते हैं।...
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