एटा, अप्रैल 4 -- कस्बा के हजारी बाबा मोहल्ला स्थित शिव मंदिर पर चल रही श्रीमद् भागवत के पांचवे दिन कथा व्यास आचार्य ओम जी महाराज ने माता-पिता और गुरु की सेवा करने से मिलने वाले फल की विशेषता बताई। उन्होंने बताया कि घर के बुजुर्गो और माता-पिता को बच्चों की हर बात नहीं माननी चाहिए। उनको अच्छे बुरे का ज्ञान कराना चाहिए, जिससे कि वह सही रास्ते पर चल सके। महाभारत के प्रसंग को सुनाते हुए कहा कि यदि भीष्मपिता कौरवों को पहले दिन ही रोक लेते तो इतना बड़ा महाभारत का युद्ध ही नहीं हुआ होता और अगर भीष्मपिता ने अधर्म का साथ न देते हुए कौरवों को रोका और समझाया होता तो वह भी सरशैय्या पर न लेटते। कथा में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रतिभाग किया।
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