आगरा, जनवरी 16 -- सनातन संस्कृति के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से श्रीराम वन गमन पथ यात्रा सेठ पदम चंद संस्थान, खंदारी से शुरू हुई। मुख्य अतिथि महंत योगेश पुरी ने कहा कि ब्रह्म की जिज्ञासा से ही ब्रह्म की प्राप्ति होती है। उन्होंने कामना की कि यात्रा के दौरान मुकेश चौहान का यह अन्वेषण इतिहास के शोधार्थियों के लिए नए शोध विषयों के द्वार खोलेगा। सोलो राइडर डॉ मुकेश चौहान ने बताया कि हमारी संस्कृति ने हमेशा वसुधैव कुटुम्बकम् का संदेश दिया है। इसी उद्देश्य के साथ यात्रा की जा रही है। रामलीला देखने के दौरान यह जिज्ञासा उत्पन्न हुई कि भगवान राम ने अपने वनवास काल में किस प्रकार जीवन व्यतीत किया और वे किन-किन स्थानों पर गए। इसी भावना के अंतर्गत उन्होंने राम वन गमन पथ के लगभग 200 से 300 प्रमुख स्थलों को चिन्हित किया है। इस यात्रा के मा...