बरेली, नवम्बर 17 -- बरेली, वरिष्ठ संवाददाता। गर्भावस्था के दौरान उचित खान-पान की कमी और अनियंत्रित रक्तचाप खतरा बन रहा है। हाइपरटेंशन की वजह से एक प्रसूता की जिले में मौत भी हो चुकी है। आरसीएच (रिप्रोडक्टिव एंड चाइल्ड हेल्थ) पोर्टल पर दर्ज आंकड़ों के अनुसार एनीमिया, हाई ब्लड प्रेशर और गर्भावस्था में बढ़ रही डायबिटीज जैसी समस्याएं तेजी से हाई-रिस्क प्रेगनेंसी का कारण बन रही हैं। स्वास्थ्य विभाग के अप्रैल से 10 नवंबर 2025 तक की गई जांचों में सामने आया है कि करीब नौ प्रतिशत गर्भवती महिलाएं किसी न किसी गंभीर जोखिम के दायरे में हैं। स्वास्थ्य विभाग ने इस अवधि में 83923 गर्भवतियों का एंटी नेटल केयर के तहत परीक्षण किया। जांच में पाया गया कि 7292 गर्भवतियां हाई-रिस्क प्रेगनेंसी की श्रेणी में आती हैं। इनमें से भी स्थिति का दूसरा चिंताजनक पहलू यह ह...
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