सहरसा, नवम्बर 17 -- सलखुआ, संवाद सूत्र। कोसी तटबंध के अंदर सिमरी बख्तियारपुर और सलखुआ प्रखंड अंतर्गत लगातार मौसम की मार झेल रहे किसानों के सामने अब रबी फसल की बुआई को लेकर भी गंभीर संकट खड़ा हो गया है। आमतौर पर हर साल 15 अक्टूबर से गेहूं और मक्का की बुआई शुरू हो जाती थी, जो 15 नवंबर आते-आते खेतों की बुआई कर किसान निश्चिंत हो जाया करता था। लेकिन इस बार खेतों में जलजमाव और धान की डूबी फसल ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कई गांवों में अब तक खेतों में पानी भरा हुआ है, जिससे बुआई की संभावना फिलहाल दूर दिख रही है। किसानों की उम्मीद थी, कि धान की फसल खराब होने के बाद समय पर गेहूं और मक्का की बुआई कर वे कुछ हद तक नुकसान की भरपाई कर पाएंगे, लेकिन खेतों से पानी नहीं निकलने के कारण वे दोहरी मार झेल रहे हैं। रबी की फसल बुआई पर संकट: एक ओर खरीफ फ...