देहरादून, सितम्बर 19 -- नई टिहरी। बीएसएनएल में बीते ढाई दशकों से नौकरी करने वाले कैजुअल एण्ड कांट्रेक्टर वर्करों को हटाये जाने व महीनों से वेतन न दिये जाने से खफा हैं। 21 दिनों के सांकेतिक धरना देने के बाद भी उनकी मांगों पर कोई कार्यवाही नहीं की गई। इस वजह से बीती 15 सितंबर से वर्कर मोहन लाल निरंतर आमरण अनशन पर बैठे हैं। पांच दिनों से मोहन लाल के आमरण अनशन पर बैठने के बाद भी बीएसएनएल के आलाधिकारियों ने कोई संज्ञान नहीं लिया है। जबकि मौके पर पहुंचे तहसीलदार ने समाधान का भरोसा दिलाया। डाक्टरों की टीम ने भी मोहन लाल का चैकअप किया। कांट्रेक्टर वर्करों का कहना है कि वह लगातार 20 से 25 सालों से बीएसएनएल में काम कर रहे हैं, लेकिन बिना नोटिस के उनके सात लोगों को काम से हटा दिया गया है।
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