हरदोई, जनवरी 21 -- हरदोई, संवाददाता। सन 2000 में हरपालपुर के बानामऊ निवासी भइयालाल तिवारी ने अपना घर मकान बेंच कर लखनऊ को ठिकाना बना लिया। 2003 तक लखनऊ में अपना नाम मतदाता सूची में नहीं जुड़वाया, 2004 में उनका नाम मतदाता सूची में नाम आ गया। अब जबकि एसआईआर हो रहा है तो वो न तो अपना नाम लखनऊ की मतदाता सूची में जुड़वा पा रहे हैं, न ही यहां अपने पैत्रक गांव के मतदाता बन पा रहे हैं। जिला निर्वाचन कार्यालय आए तो बताया गया कि कोई अभिलेख लाओ तो ही मतदाता सूची में नाम दर्ज हो पाएगा। अब वो अपने पैत्रक गांव की भूमि के अभिलेख निकलवाने की जद्दोजहद कर रहे हैं। यह तो बस एक बानगी भर है। जिले में पांच लाख से अधिक मतदाताओं को नोटिस मिले हैं। उनमें से अधिकांश अपने अभिलेख लेकर अपने आपको मतदाता साबित करने की लड़ाई लड़ रहे हैं। जनपद में मतदाता सूची के विशेष पु...
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