लखनऊ, मई 25 -- लखनऊ, कार्यालय संवाददाता संवाद हर विद्या में कितना जरूरी होता है, ये भारतेन्दु नाट्य अकादमी की कार्यशाला में प्रशिक्षण ले रहे प्रशिक्षुओं को बताया गया। हास्य कवि सर्वेश अस्थाना ने नाट्य प्रशिक्षुओं को संवाद का महत्व और उसके तरीकों से परिचित कराया। सर्वेश अस्थाना ने प्रशिक्षुओं को संवाद के प्रकार वार्तालाप, सम्बोधन, वाद-विवाद, परिचर्चा और जनसंचार को विस्तृत से समझाया। इसके साथ ही उन्होने थिएटर में गैर मौखिक संवाद के महत्व समझाया। उन्होंने गैर मौखिक संवाद के अन्तर्गत साइन, सिग्नल और सिम्बल को सिखाया। इसके साथ ही प्रशिक्षुओं को सिखाया गया कि कैसे किसी की आवास उसके प्रति लोगों का दृष्टिकोण निर्धारित करती है। उन्होंने छात्रों को कविता लिखने की तकनीक भी सिखाई जिसमें उन्होंने बताया कि जब तक व्यक्ति के भाव और उसका विवेक एक साम्य पर...
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