वाराणसी, दिसम्बर 12 -- वाराणसी, वरिष्ठ संवाददाता। दुनियाभर में फैले लाखों विद्यार्थियों का दूसरा घर कहलाने वाला, हर विधा की शिक्षा देने वाला महामना की बगिया बीएचयू कला और विज्ञान विषयों के साथ शुरू हुआ था। वर्ष 1919 में आयोजित पहले दीक्षांत समारोह में 34 विद्यार्थी स्नातक हुए थे। 1920 में हुए दूसरे दीक्षांत समारोह में यह संख्या बढ़कर 132 हो गई। 105वें दीक्षांत समारोह तक यह कारवां 13,650 स्नातकों तक पहुंच चुका है। आज बीएचयू में 140 से अधिक विषयों और एक हजार से ज्यादा विषय-संयोजनों में शिक्षा दी जाती है। वर्ष 1916 में स्थापित बीएचयू का पहला दीक्षांत समारोह 17 जनवरी 1919 को आयोजित हुआ था। दीक्षांत स्थल मुख्य परिसर न होकर कमच्छा स्थित सेंट्रल हिंदू स्कूल था। स्कूल के प्रार्थना हॉल और छत पर शामियाना लगाकर समारोह हुआ। मैसूर के राजा और विश्वविद्...