देवरिया, जुलाई 21 -- देवरिया, निज संवाददाता: बीआरडीपीजी कालेज देवरिया में वेतन मद में फर्जी तरीके से किए गए 69 लाख रुपये के भुगतान के मामले में केस दर्ज होने के बाद खलबली मच गई है। सूत्रों का दावा है कि पुलिस की विवेचना में कई जिम्मेदारों की कलई खुलती नजर आएगी और जांच की आंच भी उन तक पहुंच सकती है। केस दर्ज में हुए लेट लतीफी में भी उन्हीं को जिम्मेदार बताया जा रहा है। पुलिस की विवेचना में कुछ और नाम भी बढ़ सकता हैं। बीआरडीपीजी कालेज में शहर के मेहड़ा पुरवा निवासी सच्चिदानंद चौहान पुत्र वीर बहादुर की लैब सहायक पर नियुक्ति रही। उसे वेतन पटल प्रभारी के पद की जिम्मेदारी दी गई थी। उसने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए कूटरचना कर अपनी पत्नी रेनू देवी को प्रोफेसर का वेतन देते हुए लगभग 47 लाख 83 हजार रुपये दे दिया। साथ ही खुद 3 मार्च 2015 से 13 अक्टू...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.