मुख्य संवाददाता, जनवरी 28 -- बिहार में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई तकनीक का इस्तेमाल कर सरकार ने कई जिलों में करोड़ों की टैक्स चोरी पकड़ी है। 3 महीने पहले राज्य के कई जिलों में एआई की पहचान के बाद हुई दस्तावज की जांच में यह खुलासा हुआ। निबंधन के समय जमीन और भवन के मूल्य के आकलन में गड़बड़ी कर यह टैक्स चोरी की गई। निबंधन विभाग के सचिव ने चिह्नित 838 दस्तावेजों के आधार पर अब लेख्यधारियों यानी जमीन मालिकों से 31 करोड़ रुपये की वसूली का आदेश दिया है। निबंधन विभाग के सचिव अजय यादव ने कर चोरी के इस मामले को बेहद गंभीर बताया है। इन मामलों में निबंधन विभाग के कर्मियों की मिलीभगत की भी आशंका है। उन्होंने सभी अवर निबंधकों को उनके क्षेत्राधिकार में पहचाने गए सभी दस्तावेजों के आधार पर लेख्यधारियों से राशि की वसूली का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा...