एक प्रतिनिधि, अगस्त 16 -- कृष्ण जन्माष्टमी की 31 साल पहले वो स्याह रात थी, जिसमें उफान मारती गंडक में सात पुलिस कर्मी शहीद हो गये थे। तभी से बिहार-यूपी के सीमावर्ती गांवों के लोगों श्रीकृष्णजन्मोत्सव मनाना बंद कर दिया। ये परंपरा बीते 31 साल से चली आ रही है। जिसका अंत इस साल हो रहा है, आज फिर से यह त्योहार मनाया जा रहा है। कुशीनगर के कोतहवा के पूर्व उप प्रमुख अजय चौबे, कठार के बबलू मिश्रा, मधुआ के पूर्व मुखिया जयप्रकाश कुशवाहा ने बताया कि 90 के दशक में दस्यु गिरोह का आतंक चरम पर था। 29 अगस्त 1994 को यूपी के कुशीनगर के तत्कालीन एसपी बुद्धचरण को गुप्त सूचना मिली कि कुबेरस्थान थाना क्षेत्र के पचरुखिया गांव निवास ग्राम प्रधान राधाकृष्ण गुप्ता की हत्या के लिए दस्यु गैंग गंडक नदी पार कर रहे हैं। एसपी ने एनकाउंटर स्पेशलिस्ट तरयासुजान थानाप्रभारी ...
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