भागलपुर, जनवरी 9 -- संजय कुमार भागलपुर। बिहार की उपजाऊ धरती अब अपनी पहचान खोने लगी है। इसरो के सैटेलाइट एप्लीकेशन सेंटर की नवीनतम रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि राज्य की 7.50 लाख हेक्टेयर से अधिक भूमि की मिट्टी खराब हो चुकी है। कोसी-सीमांचल और पूर्वी बिहार के लगभग सभी जिलों में यह स्थिति और चिंताजनक है। 'डिग्रेडेशन एंड लैंड डिजर्टीफिकेशन एटलस ऑफ इंडिया' में प्रकाशित आंकड़ों के अनुसार, बिहार में 2011-12 में 7.38%, 2018-19 में 7.93% और 2021-22 में 8.87% भूमि मिट्टी क्षरण की चपेट में आ चुकी है। बाढ़ और कटाव से 3.21 लाख हेक्टेयर, वनस्पति क्षरण से 2.42 लाख हेक्टेयर तथा बस्तियों के विस्तार से 28,200 हेक्टेयर भूमि बर्बाद हुई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि बिहार में विभिन्न कारणों से 75 लाख हेक्टेयर से अधिक भूमि की मिट्टी खराब हो चुकी है। खराब कृष...