पटना, जनवरी 4 -- बिहार की आठ पत्थर खदानों में से पांच प्रमुख खदानों की खनन समय-सीमा समाप्त हो गयी है। वर्तमान में सिर्फ तीन पत्थर खदानें ही वैध रूप से संचालित हैं, जिनकी पट्टा अवधि भी सितंबर 2026 तक समाप्त हो जाएगी। ऐसे में अवैध पत्थर खनन की आशंका को देखते हुए खान एवं भूतत्व विभाग ने संबंधित जिलों में सतर्कता बढ़ा दी है। विशेष उड़नदस्ता दल गठित कर बंद हो चुके खदानों की नियमित और औचक जांच के निर्देश दिए हैं। खान एवं भूतत्व विभाग के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक पांच खदानों की पट्टा अवधि समाप्त होने के बाद बिहार में फिलहाल केवल तीन पत्थर खदानें ही वैध रूप से संचालित हो रही हैं। इन तीनों खदानों का कुल रकबा लगभग 37.5 एकड़ है। गया जिले में एक और शेखपुरा जिले में सात खदानों को पांच वर्षों के लिए खनन की स्वीकृति दी गई थी। गया जिले की इकलौती...
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