पटना, फरवरी 17 -- बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कुशल नेतृत्व में स्वास्थ्य सेवाओं में ऐतिहासिक सुधार हुआ है और सामान्य जन का भरोसा सरकारी अस्पतालों के प्रति बढ़ा है। वर्ष 2006 के पहले राज्य में प्रत्येक माह औसतन 39 मरीज सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में उपचार के लिए आते थे, लेकिन सरकार के निरंतर प्रयासों और स्वास्थ्य सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के चलते यह संख्या अब प्रतिमाह औसतन 11 हजार तक पहुंच गई है। सोमवार को ये बातें स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहीं। उन्होंने बयान जारी कर कहा कि यह परिवर्तन राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी और आमजन में बढ़ते भरोसे को दर्शाता है। राज्य में सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर जनवरी 2024 में ओपीडी का औसतन प्रतीक्षा समय 72 मिनट था, जो अब घटकर जनवरी 2025 में 36 मिनट हो गया है। सरकार के प्रयासों से लगातार सेव...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.