विधि संवाददाता, जुलाई 10 -- बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले हो रहे वोटर लिस्ट के रिवीजन (मतदाता गहन पुनरीक्षण) को अब हाई कोर्ट में चुनौती दी गई है। पटना हाई कोर्ट में दायर जनहित याचिका में मतदाता सत्यापन पर रोक लगाने की मांग की गई है। अर्जी में कहा गया है कि चुनाय आयोग ने मतदाता बने रहने के लिए जो शर्तें रकी हैं, वह आयोग के क्षेत्राधिकार से बाहर हैं। इसके बावजूद मतदाता सूची का पुनरीक्षण किया जा रहा है। बता दें कि वोटर लिस्ट रिवीजन के खिलाफ याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में भी मामला विचाराधीन है। शीर्ष अदालत ने गुरुवार को चुनाव आयोग से जवाब दाखिल करने को कहा। दूसरी ओर, पटना हाई कोर्ट में सत्यनारायण मदन और अन्य की ओर से दायर जनहित याचिका में कहा गया है कि संविधान के अनुच्छेद 5, 6 एवं 19 और 325, 326 के खिलाफ चुनाव आयोग ने जो शर्तें निर्धारित की...
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