पटना, जून 30 -- बिहार में विधानसभा चुनाव से चार महीने पहले मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण 25 जून से चालू हो चुका है। चुनाव आयोग 22 साल बाद बिहार में घर-घर जाकर गहराई से वोटर लिस्ट में शामिल लोगों की पड़ताल कर रहा है। इसको लेकर बिहार में विपक्षी दलों का महागठबंधन पहले दिन से आक्रामक है। विपक्ष का आरोप है कि जो पेपर मांगे जा रहे हैं, वो गरीब और वंचित समूह के पास होता नहीं है। नहीं देने पर मतदाता सूची से नाम कट जाएगा। महागठबंधन ने इसे एनडीए की साजिश बताया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में बड़े पैमाने पर वोटर लिस्ट में धांधली का आरोप लगाकर आयोग के खिलाफ अभियान छेड़ रखा है। राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव कह रहे हैं कि 2003 में जिस काम में 2 साल लगा था, उसे आयोग अब एक महीने में कैसे कर लेगा। पूछ रहे ह...
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